Gurugram “बीबी ने गुस्से में घर छोड़ा तो शराब पीकर हाईटेंशन टावर पर चढ़ा युवक” और फिर मौत से आमना-सामना
शीतला कॉलोनी में घंटों चला मौत का तमाशा; शराब के नशे और गुस्से ने कैसे ले ली विवेक की जगह

Gurugram गुरुग्राम (शीतला कॉलोनी): कहा जाता है कि गुस्सा इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है, और जब इस गुस्से में शराब का नशा मिल जाए, तो परिणाम आत्मघाती हो सकते हैं। कुछ ऐसा ही नजारा हरियाणा के गुरुग्राम की शीतला कॉलोनी में सोमवार दोपहर को देखने को मिला, जहाँ एक युवक अपनी पत्नी से हुई लड़ाई के बाद इतना विचलित हो गया कि उसने अपनी जान की परवाह किए बिना मौत के जाल यानी हाईटेंशन बिजली के टावर को गले लगा लिया।

नाराजगी ने बदला नफरत में
मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश का रहने वाला करीब 45 वर्षीय यह शख्स फिलहाल शीतला कॉलोनी में किराए पर रह रहा था। सोमवार को घर में छोटी सी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते काफी बढ़ गई। पत्नी इस कदर आहत हुई कि वह गुस्से में घर छोड़कर चली गई। अपनी जीवनसंगिनी के इस तरह जाने से वह शख्स अपना आपा खो बैठा और शराब के नशे में धुत होकर सीधे पास ही स्थित एक ऊँचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया।
मौत की ऊँचाई और तमाशबीन भीड़
जैसे ही लोगों ने एक युवक को टावर की ऊँचाइयों पर बिजली के तारों के बीच देखा, इलाके में हड़कंप मच गया। देखते ही देखते वहां सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। टावर के ऊपर खड़ा शख्स चीख-चिल्ला रहा था और नीचे खड़े लोग भगवान से उसकी सुरक्षा की दुआ मांग रहे थे। युवक बिजली की उन तारों के बेहद करीब था, जिनमें पल भर का स्पर्श भी राख बना सकता था।
पुलिस की सूझबूझ से बची जान
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-5 थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, स्थिति काफी नाजुक थी क्योंकि युवक शराब के नशे में था और गिरने या करंट लगने का डर बना हुआ था। पुलिस ने बड़ी ही सावधानी और समझदारी से काम लिया। काफी देर तक नीचे से उसे समझाने-बुझाने का दौर चला। पुलिस कर्मियों ने उसे विश्वास दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान होगा। काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।
नशे और गुस्से का आत्मघाती मेल
नीचे उतरने के बाद पुलिस के सामने युवक ने स्वीकार किया कि वह अपनी पत्नी के जाने से बहुत दुखी था और नशे व गुस्से के कारण उसे समझ नहीं आया कि वह क्या कर रहा है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि जीवन की चुनौतियों से लड़ने के बजाय, हम अक्सर गलत रास्तों का चुनाव कर लेते हैं।
एक भावुक सीख
रिश्तों में अनबन होना सामान्य है, लेकिन किसी भी विवाद का हल संवाद से निकलना चाहिए, न कि मौत को चुनौती देकर। आज पुलिस की सक्रियता से एक घर का चिराग बुझने से बच गया, लेकिन हर कोई इतना खुशनसीब नहीं होता। नशे की हालत में लिया गया एक गलत फैसला पूरे परिवार को तबाह कर सकता है।












